भोजपुरी साहित्य के आदिकाल:
भोजपुरी साहित्य के आदिकाल के आभास आठवी शताब्दी से मिले लागत बा.
१. सिद्ध साहित्य : साधना में निष्णात अलोकिक सीढियाँ से संपन्न आ चमत्कारपूर्ण अति- प्राकृतिक शक्तियां से युक्त व्यक्ति "सिद्ध" कहत रहे.सिद्ध लोग में सरहपा,कुकुरिपा (कपिलवस्तु निवासी) आ तिलोपा के विशेष उल्लेख भोजपुरी साहित्य का प्रशंग में आचार्य हजारी प्रसाद विद्वान किले बा लोग.
२. सरहपा : सरहपा के समय आठवीं नौवी शताब्दी मलाल जला.उहाँ के सिद्ध संप्रदाय के व्यवस्तिथ आ प्रचारित कैली.
३.कुक्कुरिया: इहाँ का कपिल वास्तु के ब्राहमण रहनी.इहाँ के दोहा आ चाय पदन में अपभ्रंश का साथै भोजपुरी के छावाक बा.
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Thursday, June 17, 2010
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