सबद्कोश के नया शब्द
समाज के स्वस्थ/शिक्षित/परिस्कृत बनावे के साधन
प्रसाधन/ जे कह ल/ जवान कह ल
बड़ा व्यापक बा इ शब्द
जेकर अर्थ भले समझ गइल बिया सरकार
बाकिर/एकर मरम समझे खातिर
धोवे के पड़ी आंखिन से सरम
काहे की एन.जी.ओ. उहे चला
सकेला/ जे धो देले हो/ आंखिन से पानी/आ
फंडिंग के पाछे गला देले हो/आपन जवानी
आखिर बुढ़ापा के खर्चा/ के उठाई
उ त एन.जी.ओ.के/ फंडिंग से त आई
त आव भैया/ मिलजुल के /अ गो एन.जी.ओ.चलावल जाये
आ आपन भविष्य भी सुखद बनावल जाये.
( इ कविता विचार दृष्टी त्रेमासिक पत्रिका में जनवरी-मार्च २०१० में छपल रहे.)
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