Tuesday, November 13, 2012

भोजपुरी के छिटपूट

भइया जनमते सभे, थरिया बजवेला हमरा जनमते काहे, मुंह बिचकवेला बेटी भारी भइल, जेतना पहाड़ ए मइया हमहूँ दिलवे के टुकिया, तोहर ए मइया .... नवल किशोर 'निशांत' (बेटी के विनती से ) दिल के अब समुझाई केतना दागे-याद छुड़ाई केतना ना चाहलो पर मिल जाले ऊ कइसे नजर बचाई केतना ...शिवपूजन लाल विद्यार्थी

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